इलिया थाने का वायरल हिसाब पहुंचा राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, पुलिस अधीक्षक से मांगी रिपोर्ट
इलिया थाना क्षेत्र में अवैध शराब व मादक पदार्थ कारोबार को लेकर लंबे समय से लग रहे आरोप अब वायरल हिसाब किताब बिक्री रजिस्टर और हस्तलिखित नोट्स के सामने आने के बाद गंभीर रूप ले चुके है। सोशल मीडिया पर वायरल दर्जनों पन्नों में न केवल दुकानों की बिक्री का ब्यौरा दर्ज है बल्कि अलग अलग तारीखों पर थाना इलिया "कुर्सी थाना" दीवान आलोक सिंह जैसे नामो के आगे नकद रकम लिखी दिखाई दे रही है। इन दस्तावेजों ने थाना स्तर पर चल रहे कथित सुनियोजित वसूली तंत्र को उजागर कर दिया है।
वायरल हिसाब में शराब और गांजा की दुकानों से हर महीने तय रकम वसूले जाने का दावा किया गया है। सामने आए विवरण के अनुसार थाना इलिया क्षेत्र में कथित मासिक वसूली इस प्रकार दिखाई गई है। अंग्रेजी शराब इलिया प्रथम से रुपया 50,000/ हजार, देशी शराब इलिया द्वितीय से रुपया 15000/हजार, अंग्रेजी शराब इलिया द्वितीय से रुपया 20,000/, देशी शराब इलिया फर्स्ट से 8000/, गांजा दुकान इलिया से रु0 10,000/, गांजा दुकान बेन से रु0 12000/, अंग्रेजी दुकान खिलची (परमानंदपुर) से रुपया 1500/, अंग्रेजी दुकान बेन से 30,000/ प्रति माह का उल्लेख वायरल हिसाब में किया गया है।
इतना ही नहीं वायरल दस्तावेज में तारीखवार नकद भुगतान की इंट्री भी दर्ज है। जो कथित सिस्टम की रीढ़ मानी जा रही है। सामने आए हिसाब के अनुसार 2 मई 2025 को रुपया 16,700/ थाना इलिया कुर्सी के नाम। 21 मई 2025 को 1000/थाना इलिया के नाम दर्ज है। मई 2025 में रु0 2000 आलोक सिंह के नाम दर्ज है। इसी तरह जून 2025 में रुपया 15000/ थाना इलिया, 6 सितंबर 2025 को रुपया 15000/ थाना इलिया, 20 सितंबर 2025 को 3200/ मीठा (8किलो थाने के लिए) 27सितंबर 2025 को रुपए 1280 थाना दीवान जी, 6नवंबर 2025 को रुपया 500 थाना इलिया तथा एक अन्य प्रविष्टि में रुपया 750/ की शराब भी थाना इलिया के नाम दर्ज की गई है।
मामला प्रकाश में आने के बाद मानवाधिकार सी डब्लू ए के चेयरमैन योगेंद्र कुमार सिंह योगी ने प्रकरण की शिकायत आयोग में भेजकर दोषियों के ऊपर कठोरतम कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।