महाराष्ट्र के नक्सल जिले गढ़ चिरौली से शर्मनाक घटना सामने आई है। इसमें प्रसव के लिए 6 किलो मीटर जंगल में एक गर्भवती महिला पैदल चली जिससे जच्चा बच्चा दोनों की मौत हो गई। मानवाधिकार सी डब्लू ए की शिकायत पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
यह घटना एटा पल्ली तालुका के अलडांडी की है। जहां नौ महीने की गर्भवती महिला चिकित्सा सेवाओं के लिए 6 किलोमीटर पैदल चली। इलाज के अभाव और सुविधाओं की कमी ने उसकी हालत बिगाड़ दी। आखिरकार जच्चा बच्चा दोनों की मौत हो गई।
आयोग ने मामले पर विचार करते हुए कहा कि यह शिकायत में राज्य सरकार द्वारा दूरदराज के गांवों में आवश्यक सेवाएं प्रदान करने में प्रणालीगत विफलता को उजागर किया है, जो मौलिक मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है।