राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने डीएम वाराणसी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का दिया सख्त निर्देश



वाराणसी (यूपी)

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने फर्जी जमीन की रजिस्ट्री के मामले में जिलाधिकारी वाराणसी को आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का सख्त निर्देश दिया है। NHRC ने कहा कि यदि जिलाधिकारी उपस्थित नहीं होते है तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी का जमानती वारंट जारी करने के लिए भी बाध्य होना पड़ेगा।

पूरा मामला पिंडरा तहसील के कार्खियाव गांव का है। जहां 2024 में एक बुजुर्ग महिला लालमुनि तथा उसके पति अब्बास अपनी पट्टे की जमीन को लेकर जिलाधिकारी तथा उपजिलाधिकारी के यहां गुहार लगाई थी। पीड़ित बुजुर्ग का कहना था कि जहां हम कई साल से अपनी जमीन पर खेती कर रहे थे। वहाँ लेखपाल द्वारा मेरे जमीन को जबर जस्ती दूसरे व्यक्ति को कब्जा कराकर रजिस्ट्री करवाया जा रहा है। जहां बाहर से आकर लोग धड़ल्ले से मकान बनाकर खरीद और बेच रहे है। बताते चले कि कार्खियाव ग्राम सभा में आराजी नंबर 1789 (क) गरीबों को सरकार द्वारा खेती कर जीवन यापन के लिए जमीन दिया था। लेकिन जब से गांव में इंडस्ट्रीज आई है। तब से जमीन की कीमत में उछाल आगई है। इसी कारण राजस्व विभाग की मिली भगत से गरीब की जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है। जमीन पर जबर कब्जे की शिकायत पीड़ित बुजुर्ग ने जिलाधिकार एवं उपजिलाधिकारी से की थी जिसपर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मामला प्रकाश में आने के बाद मानवाधिकार सी डब्लू ए के चेयरमैन योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने प्रकरण की शिकायत आयोग में भेजकर पीड़ित को न्याय दिलाने एवं दोषी लेखपाल एवं अधिकारियों के ऊपर कठोरतम कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।

आयोग ने मामले को 04.10.2024 को संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि आरोपों की जांच कर जरूरी कार्यवाही पक्की करे, और छह सप्ताह के भीतर कमीशन को टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करे। बाबजूद कोई जवाब नहीं मिला इसलिए 22.01.2025 को रिमाइंडर भेजा गया इसके बावजूद भी कोई जवाब नहीं मिला। 

इस लिए ऐसे मुश्किल हालात में आयोग ने मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 13 के तहत डीएम वाराणसी को कंडीशनल सम्मन जारी करते हुए टेकन रिपोर्ट के साथ 11.08.2025 को सुबह 11: बजे कमीशन के सामने पेश होने के लिए कहा था। आयोग ने आगे भी कहा था कि तय तारीख से एक हफ्ते से पहले रिपोर्ट मिल जाती है तो जिला मजिस्ट्रेड की व्यक्तिगत पेशी से छूट मिल जाएगी। हालांकि  कंडीशनल सम्मन जारी करने के बावजूद जरूरी रिपोर्ट आज तक नहीं मिली है।

आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए दोबारा जिला मिनिस्ट्रेड वाराणसी को 07.09.2026 को सुबह 11 बजे अपेक्षित रिपोर्ट के साथ आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए बिना शर्त सम्मन जारी किया है। आयोग ने सख्त लहजे में कहा है कि जिलाधिकारी द्वारा ऐसा न करने पर  आयोग को प्राधिकारी के खिलाफ गिरफ्तारी का जमानती वारंट जारी करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। आयोग ने अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक प्रति मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार को भी भेजने का निर्देश दिया है।