मानवाधिकार सी डब्लू ए की शिकायत पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग सख्त


दुर्ग के औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक की मौत मामले में फिर मांगी गई पूरी रिपोर्ट, बीमा राशि का भी मांगा हिसाब

मानवाधिकार C.W.A. के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) द्वारा छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के हथखोज औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक इकाई में कार्यरत श्रमिक की गंभीर चोट के बाद हुई मृत्यु तथा परिजनों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के संबंध में की गई शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के लॉ डिवीजन द्वारा जारी आदेश दिनांक 06 अगस्त 2026, केस संख्या 394/33/5/2024, में जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी, दुर्ग, छत्तीसगढ़ से अतिरिक्त/पूर्ण रिपोर्ट मांगी गई है।
क्या था पूरा मामला
मानवाधिकार C.W.A. के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र कुमार सिंह (योगी), निवासी ग्राम राममंडो, पोस्ट भटराौल, तहसील चकिया, जिला चंदौली, उत्तर प्रदेश ने आयोग को शिकायत भेजकर बताया था कि दुर्ग के हथखोज औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक औद्योगिक इकाई में कार्यरत श्रमिक को काम के दौरान सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का आरोप भी शिकायत में लगाया गया था।
शिकायतकर्ता ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय, मुआवजा तथा श्रमिक बीमा योजना के तहत देय राशि दिलाए जाने की मांग की थी।
आयोग ने पहले भी मांगी थी रिपोर्ट
आयोग के आदेश में उल्लेख है कि पूर्व में 12 जनवरी 2026 को आयोग ने दुर्ग के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी से मृतक के परिजनों को किए गए भुगतान तथा श्रमिक बीमा योजना के अंतर्गत मिलने वाली बीमा राशि के संबंध में स्पष्ट रिपोर्ट मांगी थी।
रिपोर्ट में बताया गया था कि मृतक के बड़े भाई को ₹1,00,000 नकद तथा मृतक की पत्नी को कंपनी की ओर से तीन चेकों के माध्यम से कुल ₹20,00,000 दिए गए। बैंक पासबुक के माध्यम से भुगतान का उल्लेख भी किया गया था।
लेकिन आयोग ने पाया कि प्रस्तुत बैंक पासबुक की प्रति में खाता संख्या और खाताधारक का नाम स्पष्ट नहीं था।
अब आयोग ने फिर दिया चार सप्ताह का समय
06 अगस्त 2026 के ताजा आदेश में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि दुर्ग के कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मृतक के परिजन को दिए गए मुआवजे/भुगतान की स्पष्ट प्रति तथा श्रमिक बीमा योजना के अंतर्गत बीमा राशि के भुगतान पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।
आयोग ने विशेष रूप से कहा है कि लेगिबल (स्पष्ट) बैंक पासबुक की प्रति तथा मृतक के परिजन को दिए गए चेकों की प्रतियां अभी तक प्राप्त नहीं हुई हैं, इसलिए इन्हें उपलब्ध कराया जाए।
आयोग के निर्देशानुसार अतिरिक्त/पूर्ण रिपोर्ट 13 सितंबर 2026 तक आयोग को भेजी जानी है।
मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ को भी भेजी गई प्रति
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने आदेश की प्रति मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर को भी भेजी है।
मानवाधिकार C.W.A. के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने कहा कि आयोग द्वारा लगातार रिपोर्ट एवं भुगतान के प्रमाण मांगे जाने से स्पष्ट है कि मामले में मृतक श्रमिक के परिवार को मिलने वाली वैधानिक सहायता एवं बीमा राशि के भुगतान की स्थिति को गंभीरता से देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को पूरी आर्थिक सहायता एवं न्याय मिलना चाहिए तथा यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।