संविदा लाइन मैन के मौत के मामले में NHRC ने डीएम सोनभद्र एवं एसपी से तलब की रिपोर्ट


मानवाधिकार C.W.A. की शिकायत पर NHRC का बड़ा एक्शन
संविदा लाइनमैन की करंट से मौत मामले में सोनभद्र के डीएम, एसपी एवं पीवीवीएनएल से 4 सप्ताह में ATR तलब
दिनांक: 30 जुलाई 2026
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC), नई दिल्ली ने प्रकरण संख्या 6864/24/69/2026 में मानवाधिकार C.W.A. के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री योगेन्द्र कुमार सिंह (योगी) द्वारा प्रस्तुत शिकायत पर गंभीर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी, सोनभद्र, पुलिस अधीक्षक, सोनभद्र तथा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL), वाराणसी के प्रबंध निदेशक से चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन (Action Taken Report - ATR) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जनपद सोनभद्र में विद्युत विभाग की गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के कारण संविदा लाइनमैन संतोष की करंट लगने से दर्दनाक मृत्यु हो गई। शिकायत के अनुसार ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विधिवत शटडाउन लिया गया था, लेकिन कार्य पूरा होने से पहले ही बिजली आपूर्ति पुनः चालू कर दी गई। इससे खंभे पर कार्य कर रहे लाइनमैन संतोष करंट की चपेट में आ गए और उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
शिकायत में यह भी कहा गया कि घटना के बाद एक एसएसओ (SSO) एवं एक अन्य लाइनमैन को सेवा से बर्खास्त किया गया तथा संबंधित कनिष्ठ अभियंता (JE) को निलंबित किया गया। इसके बावजूद मृतक के परिजनों ने दोषी अधिकारियों की संपूर्ण जवाबदेही तय करने, उचित मुआवजा दिलाने तथा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
आयोग ने अपने आदेश दिनांक 28 जुलाई 2026 में संबंधित अधिकारियों को शिकायत की प्रति भेजते हुए निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्त होने की तिथि से चार सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्रवाई प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। आयोग इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद करेगा।
मानवाधिकार C.W.A. ने आयोग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि विद्युत विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।