बाल्टिस्तान से भागकर आए थे थाटा खान



 हिमालय की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में देश की एक ऐतिहासिक धरोहर है। कहते हैं कि 8वीं सदी में थाटा खान ने करगिल से 75 किमी दूर चिकतन किले की नींव रखी थीं। इस 9 मंजिला किले को 9 साल 9 महीने 9 दिन में बनाया गया था। कभी यहां देश-विदेश से लोग आया करते थे। मगर, अब यह किला खंडहर में तब्दील हो गया है और वीराना हो गया है। इसके बावजूद इस किले को देखने के लिए पर्यटक आते हैं। जानते हैं इस वीरान जगह पर किले के बनने और फिर उसके वीरान होने की कहानी…


बाल्टिस्तान से भागकर आए थे थाटा खान

ओटीटी प्लेटफॉर्म डिस्कवरी प्लस पर रिलीज हुए शो ‘एकांत’ में बताया गया है कि 8वीं शताब्दी में बाल्टिस्तान (नियंत्रण रेखा के पार) में एक राजकुमार हुआ करता था थाटा खान। उसकी लोकप्रियता से उसके दोनों बड़े भाई जलते थे। उन्होंने थाटा खान को जान से मारने की साजिश रची। मगर, इस बात की जानकारी रॉयल कोर्ट के संगीतकारों को लग गई। उन्होंने गाने के जरिये ये संदेश थाटा खान को दे दिया।