रतलाम (मध्य प्रदेश)
रतलाम जिले में आदिवासी अंचल के प्राथमिक स्कूल के टीचर द्वारा शराब के नशे में बच्चों को भयभीत कर छात्रा का बाल काटने की मानवाधिकार सी डब्लू ए की शिकायत पर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही न करने पर NHRC ने डीएम रतलाम को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होने का सम्मन जारी किया था। आयोग की सख्ती के बाद डीएम रतलाम ने आयोग के समक्ष भेजे गए जांच रिपोर्ट में बताया कि दोषी शिक्षक के ऊपर कार्रवाई करते हुए उसकी शासकीय सेवा समाप्त कर दी गई है।
पूरा मामला जनपद के आदिवासी अंचल के रावटी क्षेत्र के ग्राम सेमल खेड़ी के प्राथमिक विद्यालय दो में पदस्थ सहायक शिक्षक वीर सिंह मेडा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें वह शराब के नशे में अश्लील गालियां दे रहा था, हाथ में कैची भी थी और पास में एक छात्रा डर कर रोते हुए दिखाई दे रही थी।
शिक्षक ने कक्षा पांच के छात्र की बाल काटने की शिकायत का मामला प्रकाश में आने के बाद
मानवाधिकार सी डब्लू ए के चेयरमैन योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने प्रकरण की शिकायत NHRC में भेजकर दोषी शिक्षक के ऊपर कठोरतम कार्यवाही करने एवं पीड़ित छात्रा को उचित मुआवजा दिलाने का अनुरोध किया था। मामला 2024 से आयोग में चल रहा है।
आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए अपने रिपोर्ट में कहा है कि रतलाम जिले के एक सरकारी स्कूल टीचर को एक वायरल वीडियो में स्कूल में शराब पीते और नशे में बच्चों के साथ बुरा बर्ताव करते हुए देखा गया था। आरोप है कि वीडियो में वह क्लास रूम में कैची से एक लड़की के बाल काटते हुए देखे गए थे, हालांकि, रिपोर्ट इस बारे में चुप है। आयोग ने कहा कि यदि आरोप सत्य है तो इससे स्टूडेंट को मानसिक तकलीफ के साथ- साथ पूरे स्कूल के सामने बेइज्जती भी हुई होगी। हर बच्चे को सुरक्षा का अधिकार है यह राज्य की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें हिंसा, बुरे बर्ताव और शोषण से आजादी से आगे बढ़ने के लिए सुरक्षा कवच दे। बच्चों को मुफ्त और जरूरी शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का सेक्शन 17 भी किसी बच्चे को शारीरिक सजा या मानसिक परेशानी देने पर रोक लगाता है।
आयोग ने पुर मामले में डीएम रतलाम से छह सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। बावजूद कोई रिपोर्ट आयोग को प्राप्त नहीं हुई।
आयोग ने डीएम को फाइनल रिपोर्ट जारी करने के लिए फाइनल रिमाइंडर जारी करते हुए कहा कि ऐसा न करने पर कमीशन मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 13 के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
NHRC द्वारा अंतिम रिमाइंडर जारी करने के बावजूद भी डीएम रतलाम से कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई।
अधिकारियों की लापरवाह रवैए पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए आयोग ने डीएम रतलाम को व्यक्तिगत रूप से दिनांक 05/06/3026 को सुबह 11.00 बजे आयोग के सामने उपस्थित होने का सख्त निर्देश जारी किया है। हालांकि अगर जरूरी एक्शन टेकन रिपोर्ट 29/05/2026 को या उससे पहले जमा कर दी जाती है, तो उनकी पर्सनल पेशी खत्म कर दी जाएगी।
आगे आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इसके अलावा इस प्रोसिडिंग और शिकायत को एक कॉपी चीफ सेक्रेटरी, मध्य प्रदेश सरकार को भी जानकारी और मामले में जरूरी एक्शन के लिए भेजी जाए।
आयोग के सख्ती के बाद डीएम रतलाम ने आयोग के समक्ष जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किया जिसमें उल्लेख किया कि दोषी शिक्षक की वीर सिंह मईडा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया वो उनके विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित की गई है। तत्पश्चात दोषी शिक्षक वीर सिंह मईडा को इस कार्यालय के आदेश क्रमांक/ विभाग जांच/ 2025 -26/6800-681 दिनांक 10/07/2025 द्वारा शासकीय सेवा से अनिवार्य सेवानिवृत्ति की दीर्घशास्ति से अधिरोपित किया गया है एवं आदेश क्रमांक / शिक्षा सता / 2025- 26/7003-04 दिनांक 16/07/2025 द्वारा दोषी सहायक शिक्षक को दिनांक 10/07/2025 से शासकीय सेवा से अनिवार्य सेवा निवृत्ति किया गया है।