राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर अवैध रूप से संचालित मीट मांस की दुकानों पर चला जिला प्रशासन का बुलडोजर



चंदौली (यूपी)
  बिना लाइसेंस एवं अवैध रूप से संचालित मीट, मांस एवं मछलियों की दुकानों पर NHRC के निर्देश पर सख्ती से जिला प्रशासन का बुलडोजर चल रहा है जिससे मीट मांस कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। जनपद में   सड़क किनारे खुले में मीट  मांस बेचे जाने की शिकायत मानवाधिकार सी डब्लू ए के चेयरमैन योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में किया था। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुएं केस दर्ज कर डीएम चंदौली को कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। जिसके क्रम में जिला प्रशासन ने मुगलसराय  और जिला मुख्यालय चंदौली से अवैध रूप से संचालित मीट मांस की दुकानों को जेसीबी लगाकर हटवा दिया है। 

अभी जनपद के अन्य जगहों पर अवैध रूप से मीट मांस की दुकाने संचालित हो रही है उनके ऊपर कार्यवाही होनी बाकी है। जनपद में बड़े पैमाने पर बिना लाइसेंस की अवैध रूप से मीट मांस और मछलियों की दुकानें संचालित की जा रही है। जनपद में लगभग पांच सौ से अधिक दुकानें बिना लाइसेंस की संचालित हो रही है। इनके द्वारा राजस्व की क्षति के साथ साथ लोगो के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। 
शहाबगंज में भी पुलिस प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद करवा दिया।अभी जनपद में पूर्ण रूप से दुकानें बंद नहीं हुई है जिसपर कार्यवाही होनी बाकी है।

 मीट मांस की दुकानों के लिए सरकार ने कई नियम बनाये है जिनका पालन नहीं किया जा रहा है। सरकारी नियम के अनुसार मीट मांस की दुकान धार्मिक स्थल से 100 मीटर के दायरे में नहीं होनी चाहिए। दुकानों के बाहर पर्दा एवं हरे रंग का ग्लास लगा होनी चाहिए ताकि जनता को नजर नहीं आनी चाहिए। 
मीट मांस की दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों का हेल्थ सर्टिफिकेट होना चाहिए। शहरी क्षेत्र नगर निगम का एनओसी होना चाहिए। इसके अलावा फूड सेफ्टी एवं ड्रग्स विभाग से भी NOC होनी चाहिए। बीमार एवं गर्भवती पशु को काटे जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। बूचड़ खाना परिसर की नियमित साफ सफाई होनी चाहिए। दुकानदार पशुओं एवं पक्षियों को दुकान के अंदर नहीं काट सकते है। मीट की क्वालिटी को पशु डाक्टर द्वारा प्रमाणित किया जाना चाहिए।

 दुकानदारों के हथियार स्टील की होनी चाहिए। मीट की दुकानों में कूड़े के निस्तारण के लिए समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन दुकानदारों द्वारा ऐसे किसी भी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। मीट मांस का अवशेष सड़क किनारे फेक दिया जा रहा है। जिससेराहगीरों का बुरा हाल है।