पीड़ित मानव की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म- प्रशांत

चंदौली (यूपी)

योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) चेयरमैन मानवाधिकार सी डब्लू ए के निर्देश पर 10 दिसंबर विश्व मानव अधिकार का कार्यक्रम जनपद मुख्यालय पर भव्य तरीके से मनाया गया



कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य स्थिति केंद्रीय प्रवेक्षक प्रशांत सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा है मानव अधिकार हनन की घटनाएं जहां पर हो उसको तत्काल संज्ञान में लेते हुए संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों को अवगत कराने का काम करे। मुख्य अतिथि ने कहा कि 10 दिसंबर विश्व मानव अधिकार दिवस हमे याद दिलाता है कि हर व्यक्ति जन्म से समान है, और सभी को सम्मान स्वतंत्रता और न्याय पाने का अधिकार है। 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणा अपनाया था, और तभी से हर वर्ष 10 दिसंबर को यह दिन दुनिया भर में मनाया जाता है।

मुख्य स्थिति ने कहा कि मानवाधिकार केवल कानून की बाते नहीं है ये हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा है। जैसे बिना डर का जीने का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, स्वास्थ्य और सम्मान का अधिकार, समान अवसर का अधिकार, ये सारे अधिकार है जो एक बेहतर समाज की ओर ले जाते है। मानव अधिकार दिवस हमे संदेश देता है कि  "मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है"। सच्चे अर्थों में पीड़ित मानव की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
उत्तर प्रदेश प्रभारी परमहंस सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज भी दुनियां में कई जगह लोग अन्याय,भेदभाव, हिंसा और असमानता का सामना कर रहे है। ऐसे में हमारा कर्तव्य है कि हम न केवल अपने अधिकारों को जाने, बल्कि दूसरे के अधिकारों की रक्षा के लिए भी आवाज उठाए। संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि किसी भी प्रकार के भेदभाव का विरोध करेंगे।कमजोर वर्गों और बंचित लोगो की मदद करेंगे, और मानवता के रक्षा के लिए हमेशा खड़े रहेंगे।
इस अवसर पर जिला महासचिव मिथिलेश पांडेय, तहसील सचिव (चकिया) राजकुमार मोदनवाल,सतीश सिंह, प्रिंसू सिंह,अनिल अग्रहरी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थि थे।