विद्युत विभाग की लापरवाही का आलम ये है कि करंट से मौत के बाद भी मृतक परिवार को मुआवजा देने में काफी हीलाहवाली कर रहा है। बतादे की बलुआ थाना क्षेत्र के महुअर गांव में शादी समारोह में झालर लगाते वक्त एक मजदूर शशिकांत की 23.05.2024 को मौत हो गई थी।
मामला प्रकाश में आने के बाद मानवाधिकार सी डब्लू ए के चेयरमैन योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने प्रकरण की शिकायत आयोग में भेजकर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने का अनुरोध किया था।
आयोग ने मामले की जांच की तो पता चला कि मामला मृतक की बिजली के झटके से हुई मौत से संबंधित है। हालांकि, भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 161 के तहत उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) यूपी के चेयरमैन से आज तक कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई।
यूपीपीसीएल यूपी के चेयरमैन की लापरवाही पर आयोग ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए चेयरमैन को रिमाइंडर जारी करते हुए भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 161 के तहत आवश्यक रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया है। आयोग ने कहा है कि ऐसा न करने पर आयोग संबंधित अधिकारी की व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993की धरा 13 के तहत दंडात्मक प्रक्रिया शुरू करने के लिए बाध्य होगा।