राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर मृतकों के परिजन को मिला मुआवजा

मानवाधिकार सी डब्लू ए की शिकायत पर मिला मुआवजा
अधिकारियों और कर्मचारियों के ऊपर हुई कार्यवाही
पांच संविदा कर्मचारियों की सेवा हुई समाप्त

सहायक अभियंता, उप मंडल अधिकारी विद्युत वितरण और अधिशासी अभियंत हुए निलंबित

लखीमपुर खीरी

बिजली विभाग की लापरवाही से थाना हैदराबाद क्षेत्र में सीतापुर ब्रांच नहर पर 11 हजार बोल्ट तार की चपेट में आने से बाइक में आग लग गई और करंट से एक युवक दो बच्चे और दो महिलाएं झुलस गई। हादसे में बच्चे सहित एक व्यक्ति की मौत हो गई। मरने वाले में दो भाई बहन थे। एक बच्चा और एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई। बबलू बाइक से अपनी मां बिंदिया, बहन मंजू और भांजे भांजी अनमोल एवं  खुशी को लेकर पीलीभीत लौट रहा था। थाना हैदराबाद क्षेत्र से कुछ दूरी पहले बड़ी लाइन पर 11 हजार बोल्ट की विद्युत लाइन का तार टूट कर बाइक पर गिर गया जिससे बाइक सवार सभी लोग बुरी तरह झुलस गए। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

मामला प्रकाश में आने के बाद मानवाधिकार सी डब्लू ए के चेयरमैन योगेंद्र कुमार सिंह (योगी) ने प्रकरण की शिकायत आयोग भेजकर मृतकों के परिवार एवं घायलों को उचित मुआवजा दिलाने एवं दोषियों के ऊपर कठोरतम कार्रवाई करने का अनुरोध किया था।

आयोग के निर्देश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड लखनऊ के महाप्रबंधक ने दिनांक 06.02.2025 और  25.09.2025 के पत्रों के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत की और अपने रिपोर्ट में कहा कि एक पोल के इंसुलेटर में खराबी के कारण, एक फेज तार ढीला हो गया और सड़क पर कम ऊंचाई पर लटक रहा था। जिससे दुर्घटना हुई। 

मानवाधिकार सी डब्लू ए की शिकायत पर मिला मुआवजा

रिपोर्ट में कहा गया कि तीनों मृतक पीड़ितों में से प्रत्येक के परिजनों को 5,00,000/- (पांच लाख रुपए ) की मुआवजा राशि, कुल 15,00,000/- (पंद्रह लाख रुपए) प्रदान किए गए। आगे बताया कि घायल पीड़ित खुशी को 3,16,000/- रुपए प्रदान किए गए। अन्य घायल बिंदिया देवी, विकलांग प्रमाण पत्र और उपचार बिल प्रस्तुत नहीं कर सकी क्योंकि उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। 
आयोग के सख्ती के बाद पांच संविदा कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया और एक टी .जी.-2 सहायक अभियंता, उप मंडल अधिकारी, विद्युत वितरण उप- केंद्र गोला-l, और अधिशासी अभियंता गोला को निलंबित कर दिया गया।
पुलिस ने भी विधिसम्मत कार्यवाही की है।